श्री कुबेर आरती, Kuber Ji ki Aarti Lyrics in Hindi

Kuber Ji ki Aarti Lyrics in Hindi : यहाँ पर प्रसिद्ध और लोकप्रिय श्री कुबेर जी की आरती का लिरिक्स हिंदी और इंग्लिश में दिया गया हैं. आप इस आरती को कुबेर जी की पूजा आरती करते समय पढ़ या गा सकते हैं. कुबेर जी की नियमित पूजा और आरती करने से घर परिवार में हमेशा धन धान्य, सुख समृद्धि बनी रहती हैं.

कुबेर जी को सभी देवी देवताओं का कोषाध्यक्ष कहा जाता हैं. यहाँ तक की धन की देवी माँ लक्ष्मी भी धन सम्बन्धी लेखा जोखा कुबेर जी को ही सौप रखा हैं. इसलिए कुबेर जी को धन का देवता कहा जाता हैं. और लक्ष्मी माँ के साथ कुबेर जी की भी पूजा की जाती हैं.

श्री कुबेर आरती

ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे,
स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे ।
शरण पड़े भगतों के,
भण्डार कुबेर भरे ।
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…॥

शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े,
स्वामी भक्त कुबेर बड़े ।
दैत्य दानव मानव से,
कई-कई युद्ध लड़े ॥
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…॥

स्वर्ण सिंहासन बैठे,
सिर पर छत्र फिरे,
स्वामी सिर पर छत्र फिरे ।
योगिनी मंगल गावैं,
सब जय जय कार करैं ॥
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…॥

गदा त्रिशूल हाथ में,
शस्त्र बहुत धरे,
स्वामी शस्त्र बहुत धरे ।
दुख भय संकट मोचन,
धनुष टंकार करें ॥
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…॥

भांति भांति के व्यंजन बहुत बने,
स्वामी व्यंजन बहुत बने ।
मोहन भोग लगावैं,
साथ में उड़द चने ॥
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…॥

बल बुद्धि विद्या दाता,
हम तेरी शरण पड़े,
स्वामी हम तेरी शरण पड़े ।
अपने भक्त जनों के,
सारे काम संवारे ॥
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…॥

मुकुट मणी की शोभा,
मोतियन हार गले,
स्वामी मोतियन हार गले ।
अगर कपूर की बाती,
घी की जोत जले ॥
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…॥

यक्ष कुबेर जी की आरती,
जो कोई नर गावे,
स्वामी जो कोई नर गावे ।
कहत प्रेमपाल स्वामी,
मनवांछित फल पावे ॥
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…॥

FAQ

प्रश्न 01 – कुबेरजी को कौन से भगवान हैं?

कुबेरजी को धन का देवता कहते हैं.

प्रश्न 02 – कुबेर जी का दूसरा नाम क्या हैं?

कुबेर जी को यक्ष भी कहा जाता हैं.

प्रश्न 03 – कुबेर जी की पत्नी का नाम क्या हैं?

कुबेरजी की पत्नी का नाम भद्रा हैं.

प्रश्न 04 – कुबेरजी को कितने पुत्र थे?

कुबेरजी को दो पुत्र थे- नलकूबर और मणिग्रीव.

प्रश्न 05 – कुबेरजी का बीज मन्त्र क्या हैं?

भगवान कुबेर का अमोघ मंत्र
ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये, धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥

अष्ट लक्ष्मी कुबेर मंत्र
ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः॥

धन प्राप्ति के लिए कुबेर मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः॥

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