रामचंद्र जी की आरती, Shri Ram Ji Ki Aarti Lyrics

Shri Ram Ji Ki Aarti Lyrics : यहाँ पर प्रसिद्ध लोकप्रिय रामचंद्र जी की आरती दिए गए हैं. आप इस Ramchandra Ji Ki Aarti को प्रभु श्री रामजी की पूजा आरती करते समय गा सकते हैं.

श्री रामचंद्र जी भगवान विष्णुजी के अवतार माने जाते हैं. भारत में राम जी अत्यंत पूजनीय हैं. विश्व के कई देशों में भी इनकी पूजा की जाती हैं. जैसे – नेपाल, थाईलैंड, इंडोनेशिया आदि. रामचन्द्रजी का जन्म उत्तरप्रदेश के अयोध्या में चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को पुनर्वसुनक्षत्र में कर्क लग्न में हुआ था. श्री रामजी के जन्म उत्सव को पुरे भारत सहित विश्व के कई देशों में रामनवमी के रूप में मनाया जाता हैं.

रामचंद्र जी की आरती

श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भव भय दारुणम्।
नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।।

कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्।
पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्।।

भजु दीन बंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्।
रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नन्दनम्।।

सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारू अंग विभूषणं।
आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर-धूषणं।।

इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।
मम ह्रदय कुंज निवास कुरु कामादी खल दल गंजनम्।।

मनु जाहिं राचेऊ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर सावरों।
करुना निधान सुजान सिलू सनेहू जानत रावरो।।

एही भांती गौरी असीस सुनी सिय सहित हिय हरषी अली।
तुलसी भवानी पूजि पूनी पूनी मुदित मन मंदिर चली।।

दोहा- जानि गौरी अनुकूल सिय हिय हरषु न जाइ कहि।
मंजुल मंगल मूल वाम अंग फरकन लगे।।

Shri Ram Ji Ki Aarti Lyrics

आरती कीजै रामचन्द्र जी की।
हरि-हरि दुष्टदलन सीतापति जी की॥

पहली आरती पुष्पन की माला।
काली नाग नाथ लाये गोपाला॥

दूसरी आरती देवकी नन्दन।
भक्त उबारन कंस निकन्दन॥

तीसरी आरती त्रिभुवन मोहे।
रत्‍‌न सिंहासन सीता रामजी सोहे॥

चौथी आरती चहुं युग पूजा।
देव निरंजन स्वामी और न दूजा॥

पांचवीं आरती राम को भावे।
रामजी का यश नामदेव जी गावें॥

Ramchandra Ji Ki Aarti

जगमग जगमग जोत जली है । राम आरती होन लगी है ।।
भक्ति का दीपक प्रेम की बाती । आरति संत करें दिन राती ।।
आनन्द की सरिता उभरी है । जगमग जगमग जोत जली है ।।
कनक सिंघासन सिया समेता । बैठहिं राम होइ चित चेता ।।
वाम भाग में जनक लली है । जगमग जगमग जोत जली है ।।
आरति हनुमत के मन भावै । राम कथा नित शंकर गावै ।।
सन्तों की ये भीड़ लगी है । जगमग जगमग जोत जली है ।।

FAQ

प्रश्न 01 – भगवान राम पृथ्वी पर कितने वर्षों तक रहे थे?

श्री रामजी भगवान विष्णुजी के मनुष्याृवतार थे. जो त्रेतायुग में पृथ्वी पर अवतरित हुए थे. और पृथ्वी पर 11 हजार वर्ष तक रहे थे.

प्रश्न 02 – प्रभु श्री राम कौन से भगवान हैं?

श्रीराम जी को भगवान विष्णुजी के 10 अवतारों में से 7 वा अवतार माना जाता हैं.

प्रश्न 03 – श्रीराम जी का बीज मन्त्र क्या हैं?

रां रामाय नमः ||
जानकी वल्लभाय हुँ स्वाहा ||

प्रश्न 04 – राम की कितनी बहन थी?

श्रीराम जी के तीन भाई और एक बहन थी. भाइयों के नाम हैं – लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न। और बहन का नाम – शांता था.

प्रश्न 05 – भगवान रामजी के कुलदेवता कौन हैं?

माँ देवकाली को श्रीराम जी के कुल देवी के रूप में जाना जाता हैं.

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